मिशन LiFE को अपनाकर बनें बदलाव के चैंपियंस

हम सभी लाइफ से क्या समझते हैं? अब हम में से अधिकतर लोग यही सोचेंगे कि लाइफ यानी जीवन। पर इस शब्द लाइफ का एक और पहलू भी है, जो हमारे देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी ने COP26 में अपने वक्तव्य में बताया है कि आज के दौर में लाइफ का अर्थ "लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट" होना चाहिए।
बढ़ते जलवायु परिवर्तन कि चुनौतियों को निपटने के लिए व्यवहार परिवर्तन कि आवश्यकता है, जन भागीदारी के माध्यम से हमें कुछ ऐसे पर्यावरण हितैषी नियमों को अपने दिनचर्या में अपनाना चाहिए, जिससे हम इस बढ़ते जलवायु परिवर्तन को कम करने का प्रयास कर सके।
पर्यावरण के लिए जीवन शैली में परिवर्तन की शपथ लेने हेतु क्लिक करें

ग्रीन जॉब्स

युवा कौशल और उभरते हुए क्षेत्र

युवाओं की भूमिका

एक्सपर्ट अपिन्यन

मिशन लाइफ(LiFE)

युवाओं की भूमिका!

राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। समस्या हल करने में युवा, राष्ट्र पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। वे अपनी एक पहचान बना सकते हैं और देश को आगे बढ़ा सकते हैं।
भारत दुनिया की युवा आबादी का पांचवां हिस्सा है। ये युवा नवाचार, उद्यमशीलता और विविधता की संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। यह एक जनसांख्यिकीय लाभांश पैदा करेगा जो देश के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
युवाओं की जलवायु परिवर्तन में भी बहुत आवश्यक हिस्सेदारी बन सकती है। बस कुछ ऐसे महत्वपूर्ण आदतों को जीवन शैली में उतारकर अपना दिनचर्या बना सकते हैं।
  • पैदल चलना, साइकिल, या सार्वजनिक परिवहन उपयोग करना
  • अधिक सब्जियां खाएं
  • कम खाना फेंके
  • रिड्यूस, रीयूज, रिपेयर और रीसायकल करें
  • अपने घर के ऊर्जा के स्रोत को बदलें
  • इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग करें
युवाओं द्वारा योगदान

35%

भारत की सकल राष्ट्रीय आय में
1.

1901-2018 के दौरान भारत का औसत तापमान लगभग 0.7 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है।

2.

तापमान में यह वृद्धि मुख्य रूप से ग्रीनहाउस गैसों के कारण होती है, जिससे जलवायु परिवर्तन होता है।

3.

2019 में, जलवायु परिवर्तन के मौसमी घटनाओं के कारण भारत 7वां सबसे अधिक प्रभावित देश था।

Register Here!

All fields are required*.

+91

एक्सपर्ट टॉक

“2021 के नवंबर माह में हुए आयोजित COP 26 सम्मेलन में प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी के राष्ट्रीय वक्तव्य में उन्होंने जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए पांच अमृत तत्व ‘पंचामृत’ के बारे में कहा था।”

  • पैदल चलना, साइकिल, या सार्वजनिक परिवहन उपयोग करना
  • अधिक सब्जियां खाएं
  • कम खाना फेंके
  • रिड्यूस, रीयूज, रिपेयर और रीसायकल करें
  • अपने घर के ऊर्जा के स्रोत को बदलें
  • इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग करें

Let's Change The World, Join Us Now And GET YOUR CERTIFICATE !